
राम मंदिर के चढ़ावे की रकम गायब होने के आरोप को लेकर सपा सुप्रीमो ने सोशल मीडिया पर किया पोस्ट
अयोध्या। सपा सुप्रीमो व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से राम मंदिर को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी। उनके पोस्ट के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।
दरअसल, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने रविवार अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर किए एक पोस्ट में लिखा कि समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि राम मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है।
ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है। न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की मांग है, क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनातनी समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है। सरकार की चुप्पी संदिग्ध है।

अखिलेश यादव के इस पोस्ट से पूरे देश में हलचल मच गई, देखते ही देखते ये बात आम जनता के पहुंची तो चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया, हर कोई उनके पोस्ट की वास्तविकता जानने के लिए उत्सुक हो उठा। हर तरफ जितनी मुंह उतनी बातें होनी शुरू हो गई।
सपा सुप्रीमो के इस पोस्ट का पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे ने भी समर्थन किया है। उन्होंने कहा अगर ऐसा है तो यह बहुत ही दुखद है, ऐसे में ट्रस्ट को सामने आकर जनता के बीच बात को रखना चाहिए। मामले को तूल पकड़ता देख ट्रस्ट की ओर से देर रात इस पर प्रतिक्रिया दी गई।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने भी अपना एक वीडियो जारी कर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के उस पोस्ट पर अपनी सफाई दी। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का समय समय पर आंतरिक ऑडिट होता है, इस कार्य में ट्रस्ट और भारतीय स्टेट बैंक के प्रतिनिधि सम्मिलित रहते हैं, ऑडिट कार्य कई दिनों तक चलता है, वही कार्य आजकल हों रहा है, अभी तक कोई उल्लेखनीय बात सामने नहीं आई है।
ट्रस्ट के स्पष्टीकरण पर सपा सुप्रीमो ने फिर उठाया सवाल….

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से दी गई सफाई पर सपा सुप्रीमो ने फिर सवाल खड़ा किया है…. उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर फिर से एक पोस्ट जारी किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है। लगता है ये इनके लिए हर हफ्ते की साधारण बात है, और इतनी साधारण है कि ये इसे अब उल्लेखनीय भी नहीं मानते हैं। चेहरे के भाव और देह की भाषा हताशा और निराशा से भरी है।
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठकर स्पष्टीकरण दिया जाए और ऑडिट के मिलान के लिए सीसीटीवी के साक्ष्य का सहारा लिया जाए। जैसे ही सारे ट्रस्टी एक साथ बैठेंगे तो सच तत्काल बाहर आ जाएगा। क्योंकि उनमें हर कोई एक जैसा नहीं है। इस हेराफेरी की शंका के केंद्र में जब कोई एक व्यक्ति विशेष है ही नहीं तो फिर किसी एक के स्पष्टीकरण का क्या महत्व है।
ये भी स्पष्ट किया जाए कि 40 सेकेंड का स्पष्टीकरण आने में इतने घंटे क्यों लगे और स्पष्टीकरण के नाम पर 1 मिनट भी बोलना भारी क्यों पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की चुप्पी की तरह ये सफाई भी संदिग्ध है। ऐसा लग रहा है जैसे स्पष्टीकरण के नाम पर शाब्दिक औपचारिकता निभाई जा रही है।
संपूर्ण विश्व का सनातन समाज, इस बेहद कमजोर स्पष्टीकरण से और भी अधिक शंकित और आहत हुआ है। उनके दोबारा किए गए इस पोस्ट पर अभी तक ट्रस्ट की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं है….।
आप नेता संजय सिंह ने भी ट्रस्ट की सफाई पर उठाया सवाल
बोले-श्रीराम की मूर्ति पर हाथ रख कर सौगंध खाए चंपत राय
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की ओर से राम मंदिर के चढ़ावे की रकम गायब होने के आरोप को लेकर किए गए पोस्ट से राजनीतिक गलियारे में भी चर्चा तेज हो गई। अखिलेश यादव की पोस्ट के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से दी गई सफाई पर अब आम आदमी पार्टी ने भी सवाल उठाया। आम आदमी पार्टी के नेता व राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो में कहा है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय प्रभु श्रीराम की मूर्ति पर हाथ रख कर सौगंध खाए कि राम मंदिर से चढ़ावा चोरी नहीं हुआ है…. वह यह सौगढ़ खाए तो मान लेंगे कि ऐसा नहीं हुआ है। लेकिन अगर इसमें कोई सच्चाई है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

